गुजरात के पोरबंदर में जन्मे विश्व शान्ति दूत महात्मा गांधी का आज जन्म दिन है...!! आदर्श समाज की स्थापना का सपना संजोये गाँधी के विचारों को याद करने और उन्हें सही मायने में अपनाने का आज सबसे बड़ा दिन है...भारत के कण कण में रमे , अपने विचारों से अपने आदर्शों से जिन्होंने भारतीय समाज को जो नई दिशा दी उस महान समाजवादी, विचारवादी, महापुरुष को नमन करने का आज सबसे उत्तम दिन है....जिन्होंने एक संपन्न और रामराज्यका सपना देखा था उनको पुरा करने का ये सुनहरा दिन है...भारतीय स्वतंत्रता के इस महान व्यक्ति के विचारों ने संकीर्ण मानसिकता की ख़त्म करने का एक ख्वाब संजोया जिसे पुरा करने का काम हम पर है...लेकिन आज के इस समाज में क्या उनका ख्वाब पुरा हो पायेगा॥??? मुझे नही लगता की जिस गाँधी ने अहिंसा और भाईचारे का संदेश दिया उस अगंधी के सपनो को हम पुरा कर पाएंगे......आज हर उस जगह पर भ्रस्टाचार फैला हुआ है जहाँ गाँधी का नाम लिखा है...हर उस जगह पर हिंसा की बात होती है जहाँ उनकी तस्वीर लगी है...यकीन नही आपको तो..याद कीजिये गाँधी की तस्वीर लगी नोट...ये वही नोट है जिस पर महात्मा गाँधी की अहिंसावादी तस्वीर लगी है....जिसे लिए भाई भाई को....दोस्त दोस्त को और तो और बेटा बाप को मारने पर तुला है....रही कसार पुरी कर दी है सरकारी बाबुओं ने .....गांधी के तस्वीर के निचे बैठकर भ्रस्टाचार को बढ़ावा दे रहे है...अब इसे गाँधी का सम्मान तो कहा नही जा सकता बाकी मैं कहना नही चाहता ....आप ख़ुद ही समझदार हो...नोट पर गाँधी जी की मुस्कुराती तस्वीर लगी है....जिसकी लेकिन उस मुस्कराहट के पीछे कहीं न कहीं एक दर्द छुपा हुआ है...उस तस्वीर को सही मायनों में नकली नोट बनने वालों ने उतरा है....उन्होंने गांधी का दर्द भरा चेहरा उस नोट पर लगाया है...मुस्कान छीन ली है.....शायद यही हकीक़त है....कहीं भी सत्य का दामन न छोड़ने वाले गांधी का दर्द शायद इन नकली नोट वालों को समझ में आ गया तभी तो इन्होने गांधी जी के चेहरे की असली तस्वीर पेश कर दी...जो दर्द में डूबी है...हर पल हर घड़ी यही सोच रही है...हाय रे भारत और हया रे भारत के वासियों जिनके लिए मैंने इतनी बड़ी कुर्बानी दी आज वही मेरे इस सपनो के संसार को उजाड़ने पर लगे है...सही है की आज गांधी जी हमारे बीच नही हैं..नही तो उन्हें सच में बहुत दुःख होता ..... आज गाँधी के विचारों को नई दिशा देने का दिन है... मैं तो बस अपने आप से यही गुजारिश करूँगा की गांधी जी के विचारों को जरा सा भी अपने अन्दर ढाल सका तो उनका पवित्र नाम लेने का अधिकारी होऊंगा.....मेरी उन सब से भी गुजारिश है जो ऐसा करेंगे मैं उन सब का आभारी रहूँगा....
जय गाँधी
जय भारत...
Friday, October 2, 2009
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