Saturday, September 5, 2009

अधूरी रात का अधुरा ख्वाब.!!

कुछ लोग दिन के उजालों के लिए तरसते हैं कुछ रात के अंधेरों के लिए..उन्ही में से एक मैं हूँ...दिन के उजालों की हकीक़त आज कल काटने को दौड़ती है....जी करता है की अंधेरों का मौसम आए और मुझे अपनी आगोश में लेकर एक चैन की नींद सुला जाए..मन उब गया है आँखें इन वीरान अंधेरों की आदी हो गई हैं...महबूब की उन मदहोश अदाओं से बागी सी हो गई है.. कभी बंजरों में फूल खिलाने की तमन्ना रखते थे आज उन तमन्नाओं को जिंदा रखने के लिए एक और तमन्ना जगानी पड़ रही है..कभी शिद्दत से जिस उजाले का इंतज़ार रहता था आज उसी शिद्दत से उसके जाने का इंतज़ार किया करते हैं...कभी इन आंखों ने आज़ादी के जो सपने देखे थे.जिन कहानियों को सच मान लिया था....जिन सपनो को सजाये बैठे थे..आज वे सपने...वो कहानियाँ सब कोरी बकवास सी लगती हैं..ऐसा नही है की मैं एक गुलाम हूँ ..जी नही ,मैं भी आप सब की तरह इस आजाद देश का आजाद नागरिक हूँ अन्तर है तो बस इतना की मेरी सोच इस आज़ाद देश के गुलामों की तरह न होकर एक आज़ाद ख्याल है..जो दिल है वही जुबान पे है...बस इसी का खामियाजा मुझे भुगतना पड़ रहा है...पेशे से पत्रकार...माफ़ कीजियेगा गरीब पत्रकार बोलने के सिवा कुछ कर भी क्या सकता है...बस वही ख़्वाबों में जीना और उसी ख़्वाबों के सहारे मर जाना ... लेकिन मैं ऐसा नही करना चाहता .......उन सोती आंखों में जागने वाले सपने को जिंदा करना चाहता हूँ लेकिन खवाब है की कभी पुरा ही नही होता....आख़िर क्या है इसमे जो मैं देखना चाहता हूँ...कुछ अधूरापन कुछ खालीपन हमेशा ही लगा रहता है....और ऐसा हो भी क्यूँ न...जब भी सपने देखने की बात आती है...इस फरेबी उजालों का साया ख्यालों को इस कदर आगोश में ले लेता है की सपने में आने से पहले ही वे कहीं गुम हो जाते हैं....मुझे chidh है ऐसे उजालों से जो es भीड़ में भी मुझे tanha कर ख़ुद किसी और की wafaon को gale lagate हैं...मुझे इंतज़ार है उस रात का जब रात भी पुरी होगी और ख्वाब भी...जब mujhe ये हकीक़त में bharosa हो जाएगा की वो waade वो कहानियाँ...वो baatein जो कभी मेरा दिल behlaane के लिए कही गई thin वो सच हैं...ये ujaale chhant जायेंगे और अंधेरों के रूप में asali उजाला मेरी आंखों को chakachaundh कर जाएगा ये fareb न रहेगा और हकीक़त का aaina ख़ुद ba ख़ुद saaf हो जाएगा...मैं चैन से sounga और मेरा ख्वाब पुरा हो जाएगा...

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